अपनी दिनचर्या को ठीक करके कुंडली के 12 घरों को ठीक किया जा सकता है | 12 Houses in Astrology

अपनी दिनचर्या को ठीक करके कुंडली के 12 घरों को ठीक किया जा सकता है | 12 Houses in Astrology

दोस्तों आज हम आपको बताएँगे 12 Houses in Astrology के बारे मे। हमारे जनम कुंडली का चार्ट कितनी शिद्दत और सोच समझ के बनाया हमारे ऋषि मुनियों ने। किसी भी घर की परेशानी का हल ठीक उसके सामने रखा है पर मुसीबत में हमे दिख नही पाता। तो आइये जानते है कि किस तरह अपनी दिनचर्या को ठीक करके अपने कुंडली के हर भाव का अच्छा परिणाम लिया जा सकता है।

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12 Houses in Astrology
12 Houses in Astrology : Astro Life Care

12 Houses in Astrology

प्रथम भाव:-

सुबह जल्दी उठो, चरित्र, स्वास्थ्य, सोच सही रखें तो (7th) की परेशानियों में काफी हद तक निजात मिलेगी।

द्वितीय भाव:-

भाषा को सही रखो, सही खान पान रखो, बुरे समय को सोच कर कुछ धन जोड़ के रखो (8th) मृत्यु तुल्य कष्ट से बचे रहेंगे।

तृतीय भाव:-

संघर्ष पूरी शिद्दत से करो, भाई दोस्तो के साथ धोखा मत करो साथ लेकर चलो (9th) भाग्य जरूर बदलेगा।

चतुर्थ भाव:-

माँ दुनिया मे सबसे पहला गुरु होती है, माँ का सम्मान आशीर्वाद साथ रखो (10th) कारोबार नोकरी की परेशानियो के हल का रास्ता मिलेगा।

पंचम भाव:-

ज्ञान और योग्यता को बढ़ाए (11th) आय भाव खुद बढ़ेगा।

षष्ठ भाव:-

रोग, ऋण, शत्रु को समय रहते बड़ा होने से पहले मार दो (12th) कोर्ट कचहरी अस्पताल से बहुत हद तक निजात मिलेगी।

सप्तम भाव:-

पति-पत्नी के बीच प्रेम और समर्पण, ईमानदारी हो तो (1st) आपका दिमाग, चरित्र, और स्वास्थ्य ठीक रहेगा।

अष्टम भाव:-

शिव और मृत्यु ही सच है इस बात को याद रखे, गहनता से बुद्धि का उपयोग करें गलत तरीके से पैसा न कमाए न गलत जगह खर्च करें इंसान तो (2nd) धन कभी कम नही होगा बरकत बनी रहेगी।

नवम भाव:-

धर्म के साथ चलना, ईश्वर का नित्य स्मरण करना, इंसानियत के लिए जीना। किसी धर्म स्थान की साफ सफाई या बनने में सहयोग दें तो (3rd) पराक्रम सही दिशा में काम करेगा।

दशम भाव:-

पिता के अनुभव को साथ लेकर चले पिता का सम्मान करें और व्यपार, नोकरी में ईमानदारी रखे तो (4th) सुख हर चीज़ का बहुत हद तक मिलेगा

एकादश भाव:-

अपनी कमाई में से दसवंद निकाले,बदलते समय के अनुसार खुद के ज्ञान और योग्यता को बढ़ाने पे भी थोड़ा खर्च करें तो (5th) सन्तान ओर ज्ञान के सुख में वृद्धि जरूर होगी।


द्वादश भाव:-

सुबह जल्दी उठ कर यदि ध्यान, साधना, योग में थोड़ा समय लगाए तो (6th) रोग, ऋण, शत्रु से बहुत हद तक निजात मिलेगी।

12 Houses in Astrology Conclusion

यदि आपको अपने ग्रहो के अच्छे परिणाम चाहिए तो पहले खुद की रोजमर्रा, आदतों को बदलना होता है उसके बाद जीवन बदलना शुरू होता है, उसके बाद ही पूजा-पाठ, यज्ञ, हवन, उपाय शिद्दत से आपके लिए काम करते हैं। हो सकता है किसी तपस्वी के आशीर्वाद से आपको उस समय दुख से निजात मिल जाये लेकिन वो निजात लम्बे समय के लिए नही होती।


बहुत से लोग उदाहरण देते है कि सफल लोगो को वो ही ग्रह तंग नही करते तो हम पर ही यह सूत्र लागू क्यों ? तो जनाब उनकी तरक्की ओर शोहरत तो देखी है पर एक बार उनके जीने की दिनचर्या पर भी नज़र डालें, जवाब खुद मिल जाएगा।


खुद को बदलो खुद की मदद पहले खुद करो उसके बाद ब्रह्मांड की पूरी ऊर्जा आपके लिए काम करेगी आपके खिलाफ नही। कभी यह बात नोट कर लेना जब भी हमे किसी भाव से सम्बंधित परेशानी आती है 100% उसके सामने वाला घर को सही से हम निभा नही पा रहे होते। तभी कहा गया है ज्योतिष में भी की ग्रह जंहा बैठता है उससे अधिक असर वो वँहा डालता है जंहा उसकी दृष्टि होती है।

12 Houses in Astrology FAQ:-

प्रश्न- कौन सा ग्रह धनवान बनाता है?

उत्तर- वैसे तो धनवान बनाने वाला ग्रह गुरु, सूर्य और मंगल को माना गया है लेकिन यह शुभ स्तिथी मे होना चाहिए।

प्रश्न- पहला घर किसका होता है?

उत्तर- जनम कुंडली मे पहला घर हमारे ब्यक्तित्व के बारे मे बताता है, इसे लग्न भी का जाता है, लग्न को देखकर बताया जा सकता है कि जातक का शरीर और उसकी सोच कैसी होगी।

प्रश्न- भाग्य को मजबूत कैसे बनाएं?

उत्तर- भाग्य को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक शुक्रवार चावल का दान किसी मंदिर मे करके आए। आपका भाग्य जरूर बदलेगा और माता लक्ष्मी कि कृपा भी बनेगी।

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